5 October 2021 | CG EDUCATION NEWS | DURG UNIVERSITY SUPPLY EXAM | BED ADMISSION 2021 | GGU BILASPUR
5 October 2021 | CG EDUCATION NEWS | DURG UNIVERSITY SUPPLY EXAM | BED ADMISSION 2021 | GGU BILASPUR
पीपीटी के रिज़ल्ट घोषित, जल्द शुरू होगी काउन्सलिंग
रायपुर |
प्री पॉलिटेक्निक टेस्ट यानी पीपीटी के नतीजे सोमवार को जारी कर दिए गए हैं। परीक्षा में 7078 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। 15 से पहले काउंसिलिंग शुरू शुरू ओ सकती है। छत्तीसगढ़ में पॉलिटेक्निक की 7870 सीटें हैं।इस बार सीटों की संख्या से भी कम छात्रों ने पॉलिटेक्निक की एंट्रन्स इग्ज़ाम दिया है, इसलिए जिन्होंने परीक्षा दी उनका अड्मिशन पक्का माना जा रहा है। सीटें भी खाली रह सकती हैं। पिछली बार भी पॉलिटेक्निक की सीटें रह गई थीं। तकनीकी शिक्षा संचालनालय से इसकी काउंसिलिंग होगी। इंजीनियरिंग और फार्मेसी एंट्रन्स इग्ज़ाम के रिज़ल्ट भी पिछले दिनों जारी किए गए। इसलिए पहले इंजीनियरिंग व फार्मेसी की काउंसिलिंग शुरू होगी।
प्रायोगिक पूरक परीक्षा 8 व 9 को होगी
दुर्ग ।
हेमचंद यादवविश्वविद्यालय पूरक परीक्षा का आयोजन 8 एवं 9 अक्टूबर को गर्ल्स कॉलेज दुर्ग में किया जायेगा. यह जानकारी देते हुए सी. एल. देवांगन ने बताया कि बीएससी तथा बीएससी होम साइंस की स्नातक स्तर की प्रथम द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की तथा बी.ए. में प्रायोगिक विषयों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष तथा अन्य प्रायोगित परीक्षा वाले विषयों के प्रायोगिक पूरक परीक्षा का आयोजन प्रातः 11.30 से 4 बजे के मध्य शासकीय वा.वा. पाटणकर कन्या महाविद्यालय दुर्ग में किया जायेगा । ऐसे विद्यार्थी जिन्हें प्रायोगिक विषयों में वार्षिक परीक्षा 2021 में पूरक की पात्रता मिली हैं वे सभी विद्यार्थी शासकीय वा.वा. पाटणकर कन्या महाविद्यालय दुर्ग के प्राचार्य से संपर्क कर प्रायोगिक परीक्षा में सामिल हो सकते हैं । जिन विद्यार्थी ने पूरक प्रायोगिक परीक्षा संबंधी निर्धारित फ़ीस भर कर ऑनलाईन परीक्षा फार्म अभी तक नहीं भरा हैं वे तुरन्त विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से संपर्क कर ऑनलाइन फार्म भर सकते हैं । कुलसचिव डॉ. देवांगन ने बताया कि विश्वविद्यालय की थ्योरी विषयों की समस्त पूरक परीक्षाएं समाप्त हो चुकी हैं । अतः उसमें सामिल होने वाले सभी विद्यार्थी अपनी उत्तरपुस्तिकाएं 7 अक्टूबर तक विश्वविद्यालय में अनिवार्य रूप से जमा कर देवें ।उत्तरपुस्तिका जमा करने हेतु विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव ए. आर.चौरे अथवा हिमांशु शेखर मंडावी से कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है। इस बीच विश्वविद्यालय की स्नातकोत्तर कक्षाओं की द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के अनेक परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय द्वारा लगातार घोषित किए जा रहे हैं । अभी तक घोषित परिणामों में एम.ए. राजनीतिचतुर्थ सेमेस्टर 95.91 प्रतिशत, एमएसडब्लयू द्वितीय 96.29 प्रतिशत, एम.एस.सी कम्प्यूटर साइंस चतुर्थ सेमेस्टर 100 प्रतिशत, डी.सी.ए. द्वितीय सेमेस्टर 97.36 प्रतिशत, एम.लिब. द्वितीय 100 प्रतिशत, पीजीडिप्लोमा इन योगा एजुकेशन एण्ड फिलासफी द्वितीय सेमेस्टर 84.61 प्रतिशत, बी.बी.ए. षष्ठम सेमेस्टर 96.57 प्रतिशत, रहा ।
सीएस (CS) का रिज़ल्ट 13 को होगा घोषित
इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया (आईसीएसआई), कंपनी सेक्रेटरीज के प्रोफेशनल व एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम का परिणाम 13 अक्टूबर को जारी करेगा। जून 2021 में आयोजित इस परीक्षा में शामिल उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट icsi.edu.in पर अपना परिणाम देख सकते हैं। ओल्ड व न्यू सिलेबस प्रोफेशनल प्रोग्राम्स का रिजल्ट सुबह 11 बजे
घोषित किया जाएगा। वहीं एग्जीक्यूटिव के ओल्ड व न्यू सिलेबस प्रोग्राम्स का रिजल्ट दोपहर 2 बजे घोषित किया जाएगा। फाउंडेशन प्रोग्राम जिसकी परीक्षा 13,14 अगस्त व 11,12 सितंबर को आयोजित हुई थी, का रिज़ल्ट 13
अक्टूबर को शाम 4 बजे घोषित किया जाएगा।
बिलासपुर ।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा हुई है। यूनिवर्सिटी इसका रिजल्ट 6 अक्टूबर को जारी करेगी। वहीं 11 अक्टूबर से काउंसिलिंग करेगी। इधर अटल यूनिवर्सिटी के 92 कॉलेजों में अभी भी 15 हजार 950 सीटें खाली हैं। अब ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग ने एक बार फिर 9 अक्टूबर तक प्रवेश की तारीख बढ़ा दी है। अब ऐसे में जो छात्र सीयू के मेरिट लिस्ट में नहीं आ पाएंगे, उन्हें कॉलेजों में प्रवेश के लिए तीन दिन और मौका मिलेगा। इसके अलावा यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में कई ऐसे विषय जिसका अभी तक खाता ही नहीं खुला है। एक छात्रों ने प्रवेश नहीं लिया है। एयू के संबद्ध कॉलेजों में बीएससी होम साइंस में 70 सीट पर 112 छात्रों ने आवेदन किया था, पर मात्र 1 छात्र ने प्रवेश लिया है। सर्टिफिकेट कोर्स फूड पैकेजिंग की 30 सीट पर
एक भी छात्रों ने प्रवेश नहीं लिया है। इसी तरह सर्टिफिकेट कोर्स फूड प्रोडक्शन, एंटरप्रिन्योरियल स्किल डेवलपमेंट, कम्यूनिकेशन स्कील, हाउस कीपिंग, फूड एंड वेवरेज सर्विश, जीएसटी, एमए फिलॉस्पी, पीजी सर्टिफिकेट कोर्स आईसीटी टूल्स फॉर टीचिंग लर्निंग, यूटीडी एमकॉम, पीजी डिप्लोमा इन एडमिनिस्ट्रेशन लों में एक भी छात्र ने एडमिशन नहीं लिया है। जबकि इन सभी विषयों में 30 से ज्यादा सीटें हैं। एयू के 89 कॉलेजों में बीए में कुल 8 हजार 865 सीटें हैं। इन सीटों पर आवेदन के लिए सभी विषयों से ज्यादा 16 हजार 377 छात्रों ने आवेदन किया है। इसमें से 6 हजार 626 छात्र प्रवेश लिए हैं। इसी तरह बीएससी बायो की 5 हजार 38 सीट पर 11 हजार 763 छात्रों ने आवेदन किया है। इसमें से 3 हजार 943 छात्रों ने प्रवेश लिया है। वहीं पीजीडीसीए की 2 हजार एयू के 89 कॉलेजों में बीए में कुल 8 हजार 865 सीटें हैं। इन सीटों पर आवेदन के लिए सभी विषयों से ज्यादा 16 हजार 377 छात्रों ने आवेदन किया है। इसमें से 6 हजार 626 छात्र प्रवेश लिए हैं। इसी तरह बीएससी बायो की 5 हजार 38 सीट पर 11 हजार 763 छात्रों ने आवेदन किया है। इसमें से 3 हजार 943 छात्रों ने प्रवेश लिया है। वहीं पीजीडीसीए की 2 हजार 28 आवेदन आए है और 319 ने प्रवेश लिया है ।
साइंस कॉलेज व जीडीसी में चल रहा आवेदन
साइंस कॉलेज ने एयू से अलग करके अपना पोर्टल बना लिया है। इसकी जानकारी भी छात्रों को नहीं है। ऐसे में जो छात्र साइंस कॉलेज में पीजी में एडमिशन लेना चाहते हैं, उन्हें फिर से साइंस कॉलेज के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। वहीं जीडीसी कॉलेज में भी एमससी बायोटेक्नॉलॉजी व माइक्रोबायोलॉजी में आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। यहां भी छात्राएं आवेदन कर सकती हैं। इन सभी छात्र-छात्राओं को अब कॉलेजों में 9 अक्टूबर तक प्रवेश लेने का मौका है।
सीबीएसई: अलग-अलग होगी प्रैक्टिकल परीक्षा
नई दिल्ली ।
सीबीएसई ने कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर 2021-22 शैक्षणिक सत्र में कई बदलाव किए हैं । कक्षा 10वीं और 12वीं के इंटरनल असेसमेंट और प्रैक्टिकल भी दो भागों में आयोजित
किया जाएगा । यानी टर्म-1 के लिए इंटरनल असेसमेंट और प्रैक्टिकल परीक्षा अलग, वहीं टर्म-2 के लिए अलग आयोजित की जाएगी.बोर्ड द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर जारी मार्किंग स्कीम और शेड्यूल के मुताबिक प्रत्येक वर्ष कक्षा दसवीं के लिए इंटरनल असेसमेंट की कुल 20 अंकों की होता है. किंतु इस वर्ष टर्म-1 के लिए 10 अंक और टर्म-2 के लिए 10 अंक की परीक्षा होगी।.वहीं बारहवीं कक्षा में थ्योरी 70 अंक और प्रैक्टिकल परीक्षा 30 अंक की होती है ।
मेडिकल व इंजीनियरिंग छात्रों को वित्तीय सहायता
'एनएसपी सेंट्रल सेक्टर स्कीम ऑफ स्कॉलरशिप फॉर कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स 2021-22 के तहत 12वीं पास छात्रों से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। इसके लिए वे छात्र पात्र हैं जिन्होंने 80 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास करने के बाद मेडिकल या फिर इंजीनियरिंग एजुकेशन का चुनाव किया है। साथ ही वे किसी दूसरे सोर्स से स्कॉलरशिप न पा रहे हों।
आवेदकों की पारिवारिक आय 8 लाख या फिर उससे कम होनी चाहिए। चयनित उम्मीदवारों को दस से बीस हजार रुपए तक प्रति वर्ष स्कॉलरशिप के रूप में दिए जाएंगे। आवेदन केवल ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर है। आवेदन के लिए विजिट करें वेबसाइट www.b4s.in/dbl1/CSS9 पर।
सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 24 केंद्रों में 10 को होगी
बिलासपुर |
बिलासपुर लोक सेवा आयोग नई दिल्ली द्वारा सिविल सेवाएं प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 10 अक्टूबर को दो सत्रों में किया जा रहा है। सुबह 9.30 बजे से 11.30 बजे और दोपहर 2.30 से 4.30 बजे तक परीक्षा चलेगी। परीक्षा के आयोजन के लिए बिलासपुर में 24 शैक्षणिक संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा का सुचारू रूप से संचालन के लिए जिला कार्यालय बिलासपुर के कक्ष क्र.25 में कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। जहां का दूरभाष क्रमांक 07752-223643 है।
ज़िले की मुख्य कॉलेजो की स्तिथि
जानिए, कहां क्या स्थिति
राज्य में कॉलेज खुले दो महीने हो गए हैं लेकिन चयनित सहायक प्राध्यापकों की पोस्टिंगअभी तक नहीं हुई है। जबकि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग रायपुर (सीजीपीएससी) द्वारा चयन सूची जारी किए 7 महीने से अधिक हो गए हैं। इसी को लेकर सहायक प्राध्यापक के रूप में चयनित अभ्यर्थी, उनके रिश्तेदार, मित्र व कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों के पालक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 2 लाख पोस्टकार्ड भेजेंगे। इसकी शुरुआत जिले के ग्राम पोंड़ी से हुई है। कबीरधाम जिले से करीब 20 से अधिक युवाओं का भर्ती के लिए चयन हुआ है। अभी तक चयन सूची जारी करने के बाद काउंसिलिंग तक नहीं हुई है। इस संबंध में सहायक प्राध्यापक के रूप में चयनित अभ्यर्थी ग्राम पोंड़ी निवासी अगर दास बघेल ने बताया कि चयन सूची फरवरी 2021 में जारी हुई है। अब तक कॉलेज में पोस्टिंग नहीं की गई है।
ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारियों का चयन सूची जारी हुए एक साल से । अधिक हो गए हैं, उनकी भी अभी तक पोस्टिंग नहीं हुई है। इन सभी की अतिशीघ्र पोस्टिंग करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पूरे छत्तीसगढ़ से चयनित अभ्यर्थी, उनके रिश्तेदार, मित्र व कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के
पालक 2 लाख पोस्टकार्ड भेजेंगे।
बिलासपुर ।
जिले के एकमात्रशासकीय आयुर्वेद कॉलेज में स्टूडेंट्स अव्यस्थाओं के बीच पढ़ाई करने पर मजबूर हैं. सुविधाओं की कमी से जूझते स्टूडेंट्स ने शासन-प्रशासन पर आयुर्वेदशिक्षा
की अनेदखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इच्छा शक्ति की कमी के कारण जिले के इकलौते कॉलेज में सुविधाएं नहीं
सबसे पुरानी चिकित्सा पद्धति आयुर्वेदका जिले में खस्ताहाल है. आयुर्वेद की शिक्षा लेने वालों की सुविधा कोशासन-प्रशासन अनदेखी कर रहा है. इसलिए बीते 8 वर्षों में कॉलेज के लगाया कि कॉलेज में उनके लिए पीने का पानी भवन में आयुर्वेद कॉलेज का संचालन हो रहा लिए एक बिल्डिंग तक नहीं बन पाई । शासकीय और पंखे की हवा तक नसीब नहीं है. बीते कई है. स्टूडेंट्स ने जिला प्रशासन के जरिए शासन आयुर्वेद कॉलेज के छात्र-छात्राएं अपनी वर्षों से सर्वसुविधायुक्त आयुर्वेद कॉलेज बनाने को ज्ञापन सौंपकर सर्वसुविधायुक्त शासकीय समस्याओं को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या का सब्जबाग दिखाया जा रहा है. लेकिन खुद आयुर्वेद महाविद्यालय के लिए भवन निर्माण
में कलेक्टोरेट पहुंचे थे. स्टूडेंट्स ने आरोप की विल्डिंग भी नहीं है. उधार के नागोरावशेष कराने की मांग की है । शासकीय आयुर्वेद कॉलेज और अस्पताल अलग-अलग जगह पर है. इसलिए स्टूडेंट्स को आने-जाने में परेशानियां होती है । उनके पैसे और समय, दोनों का नुकसान होता है । स्टूडेंट्स ने प्रशासन से निःशुल्क बस चलाने की मांग की है। घंटो कलेक्टोरेट में डटे रहे
शासकीय आयुर्वेद कॉलेज के छात्र-छात्राएं इस मांग को लेकर जिला प्रशासन से कई बार फरियाद कर चुके । लेकिन कोई
समाधान नहीं निकला, इस बार स्टूडेंट्स कलेक्टर से मिलकर अपनी बात रखने की मांग पर अड़े रहे । कलेक्टर की अनुपस्थिति में वे घंटों कलेक्टोरेट में डटे रहे।
कॉलेज में प्रवेश पाने विद्यार्थियों में मची होड
धमतरी ।
कालेज में प्रवेश लेने की तिथि बढ़ा दी गई है । इसे लेकर छात्र-
छात्राओं को काफी राहत मिली है. इस तरह अब वे नौ अक्टूबर
तककालेज में प्रवेशलेसकते है । मनीष कुमार, प्रकाश कुमार,
उत्तम कुमार आदि छात्रो का कहना है कि उच्च शिक्षा के प्रति
छात्रो का रुझान तेजी से बढ़ने लगा है । यही वजह है किकालेज
में प्रवेश पाने के लिए छात्र-छात्राओं में होड़ मची हुई है ।
क्योकि जिले मेंशासकीय कालेज की संख्या कम है. पीजी कालेज एक ऐसा इकलौता कालेज है । जहां सभी संकाय मौजूद है । इसलिए यहां हर साल प्रवेश पाने काफी मशक्कत करनी पड़ती है । आगे उन्होंने बताया कि पूर्व में ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया में किसीतरही की कोई परेशनी नही होती थी । लेकिन अब प्रवेश की प्रक्रिया को भी पूरी तरह से ऑनलाइन करदिया गया है । इससे छात्र-छात्राओं को सारी प्रक्रिया
ऑनलाइन हो गई है । मिली जानकारी के अनुसार कालेज में
प्रवेश प्रक्रिया दो अगस्त से शुरु हो गई थी, जो कि तीस सितंबर
तक चली । इसके तहत यूनिवर्सिटी से संबद्ध जिले के सभी कालेजो में प्रवेश लेने के लिए दिए गए समय में करीब 25
हजारछात्राओं ने पंजीयन कराया गया । इसमें से अकेले पीजी
कालेज में ही 1785 सीटों के लिए करीब 10 हजार आवेदन
आए थे । इस तरह रिक्त सीट से इस बार कई गुना अधिक आवेदन आया है इससे कालेज में प्रवेश पाने छात्र-छात्राओं में होड़ मची हुई है ।
गर्ल्स कालेज की सभी सीटें फूल
शासकीय गर्ल्स कालेज के स्नातक स्तर के सभी सीटें भर गई है । इसके तहत बीए में 200, बीकॉम में 65, बीएससी बायो में 80, गणित में 80, पीजीडीसीए में 20, एमए राजनीति शास्त्र में 20 सीटें थी । वही पूर्व में प्रवेश की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित थी । इसे बढ़ाकर अब 9 अक्टूबर कर दिया गया है । इससे छात्र-छात्राओं को काफी राहत मिली है । क्योकि अभी भी कालेज में रिक्त सीट बाकी है । प्रवेश तिथि बढ़ने से छात्र-छात्राओं को एक और अवसर मिल गया है । पीजी कालेज में विभिन्न संकायो में 98 सीट खाली होने की खबर है ।
सूर्यमुखी देवी कॉलेज में साइंस विभाग में एक भी प्रोफेसर नहीं, छुरिया कॉलेज को कब मिलेगी पीजी की सौगात
छुरिया ।
जिले से सटे वनांचल ब्लाक छुरिया में किसी न किसी कमी के
चलते हमेशा सुर्खियों में रहा है । वतर्मान में खुज्जी विधायक छन्नी साहू के प्रयास से प्रथम वर्ष की कक्षाओं के सीटों में जरूर वृद्धि हुई है लेकिन यह काफी नहीं है । शासकीय रानी सूयर्मुखी देवी महाविद्यालय छुरिया में लगभग 1 हज़ार आस-पासविद्यार्थी अध्ययन के लिए दूर से आते हैं । प्रति वर्ष लगभग तीन सौ विद्यार्थी अध्ययन कर महाविद्यालय से निकल जाते हैं लेकिन पीजी की कक्षाओं के अभाव में मात्र 5 प्रतिशत विद्यार्थीही पीजी कर पातें हैं । बाकी 95% विद्यार्थी अपनी, पढ़ाई छोड़ चुके होते हैं। महाविद्यालय में 2017 में एनसीसी की शुरुआत हुई थी लेकिन प्रोफेसर की कमी सेमहज तीन साल में ही अब बन्द होने की कगार पर है और तो और मजबूरन उम्र दराज प्रोफेसर के हाथों में एनसीसी की जिम्मेदारी सौंप दी गई. इसके अलावा जिस विषय पर रेगुलर प्रोफेसर है उन विषय पर एमए और एमकॉम की मांग हुई लेकिन अबतक पुरी नहीं हुई । अब छुरिया क्षेत्र के विद्यार्थियों को डोंगरगढ़, डोंगरगांव और राजनांदगांव के भरोसे पीजी करना पड़ रहा है । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छुरिया के नगर मंत्री ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के कार्यों को थोथा चना बाजेघना बताया । और कहा कि छुरिया क्षेत्र के जनप्रतिनिधि शिक्षा के विकास को छोड़ अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं । और बताया कि महाविद्यालय छुरिया के विज्ञान विभाग में एक भी नियमित प्रोफेसर नहीं है और हिंदी को छोंड देतो कोई पीजी की कक्षाएं नहीं, छुरिया महाविद्यालय में पीजी कक्षाओं की मांग पिछले 4 सालों से किजा रही है । और तो और एनसीसी के लिए उम्रदराज प्रोफेसर को जिम्मेदारी
मिली है । अब वह भीएनसीसी से अपना हाथ खड़ा कर रहा है ।अगर महाविद्यालय छुरिया में न या प्रोफेसर नहीं आया तो
एनसीसी को बन्द होते देर नहीं लगेगी । साथ ही छुरिया
महाविद्यालय में बांड्री वाल नहीं है जिसके कारण शराबी लोग कभी महाविद्यालय कैंपस में बैठकर शराब पीते नजर आते हैं ।क्षेत्र के जनप्रतिनिधि अगर महाविद्यालय की विकास के बारे में सोचते तो अभी स्थिति किसी दूसरे कालेज से बेहतर होती ।शासकीय रानी सूयर्मुखी देवी कालेज ब्लाक का एकमात्र कालेज है जहां लगभग 1 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं ।
इसके बावजूद हिंदी के अलावा और कोई भी विषय में पीजी नहीं है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है । वहीं दूसरे कालेजों की बात करें तो डोंगरगढ़ ब्लाक में तीन महाविद्यालय है - एलबी नगर, रामा टोला और डोंगरगढ़ में जिसमे प्रत्येक कालेज में एक से ज्यादा विषय में पीजी है ।
कोठीटोला हॉयर सेकेण्डरी स्कूल को विद्यार्थियों ताला लगा दिया
डोंगरगढ़ ।
स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल डोंगरगढ़ सहित अन्य स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के नाम से बड़ी संख्या में
ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों का नियम विरुद्ध किए गए ट्रान्स्फ़र से वनांचल क्षेत्र के स्कूलों में तालाबंदी की नौबत आ
गई है । जनपद अध्यक्ष भावेश सिंह के अनुसार जिला शिक्षा विभाग विधायक सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के निवेदन को नजरअंदाज करते हुए नियम विरुद्ध शिक्षकों का ट्रान्स्फ़र कर
रहा है जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है । जनपद अध्यक्ष श्री सिंह ने कहां है कि जिन स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षक है वहांसे ट्रान्स्फ़र किया जाना ज्यादा उचित होता । शिक्षकों की कमी से आक्रोशित कोठी टोला के छात्रों व पालकों ने मिलकर स्कूल में तालाबंदी कर अपना विरोध दर्शाया. जानकारी होते ही विकास खंड शिक्षा अधिकारी पत्तेलाल कोसरिया ने मौके पर पहुंचकर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 3 दिन के भीतर उत्पन्न समस्या का समाधान करने की जानकारी छात्रों व पालकों को दी । वनांचल क्षेत्र के चारभाटा, बागरेका सहित अन्य स्कूलों में यही स्थिति देखने को मिल रही है । शिक्षक अपनी सुविधानुसार ग्रामीण क्षेत्रसे शहरी क्षेत्र में नियम विरुद्ध पदस्थापना करवा रहे हैं । 415 विद्याथियों की दर्ज संख्या वाले कोठी टोला के हायर सेकेंडरी स्कूल में सीताकोटा, कनेरी, टाटेकसा, कन्हारटोला क्षेत्र के बच्चे विद्या अध्ययन करने आते हैं । स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है ।
कार्रवाई की चेतावनी दी जिले के कई स्कूलों के प्राचार्यों व शिक्षकों के काम में लापरवाही पर नोटिस जारी करने के निर्देश
बेमेतरा ।
जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा अरविन्द मिश्रा ने शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साजा, बीजा, देवरबीजा, हाटरांका, बालक थानखम्हरिया, कन्या थानखम्हरिया व खाती का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान कहीं स्कूलों में
शिक्षक ही अनुपस्थित मिले, तो कई स्कूलों में विद्यार्थियों को प्रायोगिक कार्य ही नहीं कराया जाना पाया गया। इन सारी अव्यवस्थाओं को लेकर डीईओ प्राचार्यों व शिक्षकों पर बिफर गए। उन्होंने इन स्कूलों के प्राचार्यों को अब कारण बताओ
नोटिस जारी करने कहा है। साथ ही कार्रवाई की चेतावनी दी है।
शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण
के समय विद्यालय के अधिकांश शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। इनमें से रविन्द्र कुमार बंजारे व्याख्याता जीव विज्ञान, विकास कुमार मिश्रा व्याख्याता अंग्रेजी, अशोक कुमार भारती व्याख्याता गणित, रमेश कुमार महिलकर व्याख्याता वाणिज्य, चुनिता ठाकुर व्याख्याता हिन्दी, प्रियंका वर्मा, गौरव शर्मा, संतोष गजपाल शामिल हैं।
डीईओ ने प्राचार्य अजय शर्मा को निर्देशित किया कि समय पर
विद्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करें व 4 अक्टूबर को निर्धारित
विद्यालयीन समय पर अनुपस्थिति के संबंध में संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगें। डीईओ ने यह भी निर्देशित किया कि विद्यालय की प्रयोगशाला सुव्यवस्थित हो। नियमित रूप से विषय शिक्षकों द्वारा प्रायोगिक कार्य कराएं। प्रायोगिक कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने पर डीईओ ने नाराजगी जताई। उनका
एक दिन का वेतन रोके जाने के निर्देश प्राचार्य को दिए हैं।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीजा में भी प्रायोगिक
कार्य प्रारंभ नहीं किए जाने पर डीईओ ने नाराजगी जाहिर की।
रयोगशाला की सामग्री स्टोर रूम में रखी थी। यहां एक शिक्षिका ने जानकारी दी कि स्टोर रूम में सांप घुसे होने के कारण प्रायोगिक कार्य नहीं कराए जा सके। विद्यार्थियों से भौतिक, रसायन एवं विज्ञान विषय की पढ़ाई के संबंध में डीईओ ने
जानकारी ली। छात्रों ने बताया कि अब तक रसायन शास्त्र में केवल एक यूनिट, भौतिक शास्त्र में 2 यूनिट की पढ़ाई हुई है।
डीईओ अरविंद मिश्रा ने बताया कि उच्च कार्यालय से निर्देश प्राप्त होने के बाद 24 सितम्बर से जिले के प्राचार्यों को प्रायोगिक कार्य प्रारंभ कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद या तो प्राचार्यों द्वारा विद्यालय में प्रायोगिक कार्य प्रारंभ
नहीं कराए गए या संबंधित विषय शिक्षकों को सूचना नहीं दी गई। इसे लेकर इन सभी प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। संतोष जनक जवाब नहीं मिलने पर प्राचार्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रस्ताव उच्च कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा।
हर साल 2 हजार बच्चे 12वीं
उत्तीर्ण, फिर भी कॉलेज नहीं
हतबंध ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रायपुर के बीच सिमगा
विकासखण्ड के एक मात्र रेलवे स्टेशन, सांसद गोद ग्राम तथा तमाम भौतिक सुविधाओं के बाद भी यहां कॉलेज नही होने के कारण मध्यम तथा निम्न वर्ग के छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो जाते हैं । विशेषकर छात्रायें उच्च शिक्षा से वंचित हो ही जाती है । वर्ष 1965 में यहां हायर सेकण्डरी स्कूल प्रारंभ होने के बाद शिक्षा का उन्नयन नही हुआ । इन पचास-पचपन वर्षों में अनेक
हाई स्कूल तथा हायर सेकण्डरी स्कूल खुल गये यहां से 20-25
कि.मी. की परिधि में 25 हायर सेकण्डरी स्कूल हैं जहां से प्रतिवर्ष लगभग 2 हजार छात्र-छात्रायें हायर सेकण्डरी उत्तीर्ण होकर निकलते हैं । लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में कहीं भी कॉलेज नहीं है । यहां से 8 कि.मी. की परिधि में केसदा, डोंगरिया, मनोहरा, मोहभट्ठा, खिलोरा, नवापारा में हाई स्कूल, हायर सेकण्डरी स्कूल है, यहां कॉलेज खुलने सेअंचल के 15-20 गांवो के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा की सुविधा मिलेगी । कॉलेज खोलने के लिये यहां भवन तथा जगह भी उपलब्ध है । सबसे बड़ी सुविधा
रेल मार्ग की है जहां से लोग आना-जाना कर सकते है । यहां
बुनियादी सभी सुविधायें उपलब्ध हैं । सिमगा से बलौदाबाजार के बीच आवागमन के लिये बस सुविधा भी उपलब्ध है. यहांलम्बे समय से कॉलेज खोलने की मांग की जा रही है तथा इस बाबत शासन को ज्ञापन भी दिया गया है ।




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